थिरकन परिवार मे आपका स्वागत है। * अगर आपकी रुचि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों मे है तो आप हमें ई-मेल करें- thirkan@gmail.com * थिरकन सफलतापूर्वक उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड़ मे कार्य कर रही है * थिरकन संगीत और नृत्य कार्यशाला का आयोजन करेगी * थिरकन ने बनाया क्लॉथ बैंक * थिरकन ने कराया गरीब कन्याओं का विवाह * थिरकन चला रही है पुलिस के साथ मिलकर परिवारों को एक करने का अभियान *

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Saturday, August 21, 2010

गाज़ियाबाद की झुग्गियों मे थिरकन ने बांटे कपड़े

उत्तर प्रदेश एंव एनसीआर की जानी-मानी प्रख्यात सामाजिक संस्था “थिरकन” अपने मिशन को लगातार आगे बढा रही है। पिछले नौ सालों से सामाजिक जागरुकता और समाज सेवा के कार्यों को “थिरकन” ने बिना किसी सरकारी आर्थिक मदद के अन्जाम दिया है। शनिवार को संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ मशहूर फैशन डिज़ाइनर सन्जना जॉन ने गाज़ियाबाद के इन्द्रापुरम मे सैंकड़ो ज़रुरतमदों को कपड़े वितरित किये। इस दौरान गाज़ियाबाद के एस.पी. कैप्टन एम.एम. बैग भी मौजूद थे।
तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक “थिरकन” से जुड़े सभी सामाजिक कार्यकर्ता और भारत एंव यूरोप की मशहूर फैशन ड़िज़ाइनर सन्जना जॉन इन्द्रापुरम, ज्ञान खण्ड दो की झुग्गियों मे पंहुचे और यहां बारी बारी से बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को कपड़े बांटे गये। इस दौरान गाज़ियाबाद के एस.पी.(आर) कैप्टन एम.एम.बैग और इन्द्रापुरम के एसएचओ राजेश द्विवेदी ने भी कार्यक्रम मे शामिल होकर लोगों को कपड़े वितरित किये।
कपड़े वितरित किये जाने के बाद प्रख्यात फैशन ड़िज़ाइनर सन्जना जॉन ने कहा कि वो पिछले कई सालों से इस तरह के काम करती आ रही हैं लेकिन “थिरकन” का जो मकसद है उसने उन्हे प्रभावित भी किया और उनके साथ आने की प्रेरणा भी दी। उन्होने बताया कि वो कई दुनिया के कई देशों मे घूमती हैं लेकिन “थिरकन” जैसी संस्थाऐं केवल भारत मे ही देखने को मिलती है। उन्होने कहा कि वो जल्द ही “थिरकन” के साथ इस तरह का एक बड़ा आयोजन करेंगीं।
एस.पी. कैप्टन एम.एम.बैग ने इस मौके पर कहा कि जिस तरह से “थिरकन” पिछले कई सालों से सामाजिक कार्यों मे जुटी है वो प्रशंसा के योग्य है। उनका कहना था कि “थिरकन” क्लॉथ बैंक की तरह अन्य संस्थाओं को भी आगे आकर समाज की सेवा करनी चाहिये।
झुग्गी के लोगों की तरफ से रुपा देवी ने “थिरकन” संस्था के लोगों का आभार जताया। रुपा देवी ने बताया कि पहली बार किसी संस्था ने उनकी झुग्गियों मे आकर इस तरह से कपड़े वितरित किये हैं। इससे यहां रहने वाले सभी लोगों को खुशी हुई है।
“थिरकन” की अध्यक्षा श्रीमती स्नेहलता सिंह ने बताया कि “थिरकन” ने तीन साल पहले गरीबों और ज़रुरतमन्दो का तन ढकने के लिये क्लॉथ बैंक की स्थापना की थी। तब से अब तक संस्था कई जगह पर कपड़ों का वितरण कर चुकी है। उन्होने जानकारी देते हुये बताया कि लोगों के घरों मे अक्सर जब कपड़े छोटे हो जाते हैं या उनसे मन भर जाता है तो ऐसे कपड़ों को फैंक दिया जाता है या फिर उन्हे डस्टिंग और सफाई के काम लाया जाता है। देश मे हज़ारों ऐसे लोग हैं जिनके पास अपना तन ढकने के लिये कपड़े नही हैं। ऐसे लोगों के लिये हमारे पुराने कपड़े नये जैसे ही होते हैं। “थिरकन” लोगों से अपील करती है कि लोग ज़्यादा से ज़्यादा ऐसे कपड़ों को दान करें ताकि किसी गरीब का तन ढ़क सके। “थिरकन” का कहना है कि आपके पुराने कपड़े किसी गरीब का सपना हो सकते हैं।
करीब एक घन्टे चले इस कार्यक्रम में बिना किसी औपचारिकता के लगभग 110 लोगों को कपड़े दिये गये। “थिरकन” ने आगे भी यहां कपड़े देने का आश्वासन झुग्गी वासियों को दिया। इस मौके पर संस्था की सचिव और प्रख्यात टीवी एंकर नन्दनी सिंह, श्रीमती प्रियंका, शिवांग, संन्दीप कुमार, नन्दन सिंह पंवार, अनुराग चढ्ढा, कु. पूर्ति, भोलेनाथ शर्मा, दुर्गा और सुनील कुमार आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया।

Saturday, August 14, 2010

एक पौधा आज़ादी का......

आज़ादी का जश्न हम सब मना रहे हैं। लेकिन आज़ादी के मायने क्या हैं इस पर हम सब को सोचना चाहिये। हमें आज़ादी तो मिली पर उसके साथ कुछ ज़िम्मेदारियां भी आयीं। क्या हमने उन ज़िम्मेदारियों के प्रति ईमानदारी दिखाई? अगर नही तो आज फिर मौका है उस ज़िम्मेदारी को निभाने का...... “थिरकन” सभी देशवासियों से अपील करती है कि हम सब देश की प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को समझे और आज़ादी के जश्न को सार्थक बनाते हुये एक पेड़ या पौधा अपने घर या आस-पास कहीं भी ज़रुर लगायें। ताकि हमारे पर्यावरण को भी प्रदुषण से आज़ादी मिल सके और हमारा कल भी प्रदुषण से आज़ाद हो।
जय हिन्द।

Sunday, April 4, 2010

Best National Anthem is JAN GAN MAN

UNESCO announces INDIAN NATIONAL ANTHEM as the BEST National Anthem in the World.

Monday, March 8, 2010

Happy International Women's Day

The THIRKAN celebrating International women's day. Women's Day or Working Women's Day is a day of international solidarity, and a day for reviewing the strength and organization of proletarian women.It was decided to have a Woman's Day in every country as a form of struggle in getting working women to vote. This day was to be a day of international solidarity in the fight for common objectives and a day for reviewing the organized strength of working women under the banner of socialism.
HAPPY INTERNATIONAL WOMEN’S DAY

Saturday, February 6, 2010

थिरकन ने दयानन्द आश्रम मे बांटा ज़रुरत का सामान

प्रख्यात सामाजिक संस्था "थिरकन" का मिशन तेज़ी के साथ आगे बढ़ रहा है। संस्था के स्वंयसेवीयों ने यमुनापार के महर्षि दयानन्द आश्रम मे जाकर अनाथ बेसहारा बच्चों की समस्याऐं सुनी और उन्हे ज़रुरत का सामान देने के साथ-साथ कपड़े भी बांटे। इस मौके पर फिरोज़ाबाद जाने से पहले एस.पी. सिटी ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों से अलग पहचान बनाने वाली संस्था "थिरकन" लगातार बिना किसी सरकारी मदद के आगे बढ रही है। संस्था ने कई ऐसे कार्य किये हैं जो उसकी पहचान बन गये इसी में शामिल है थिरकन का क्लॉथ बैंक। शनिवार को "थिरकन" के सदस्यों ने यमुनापार के महर्षि दयानन्द आश्रम मे जाकर वहां की अठ्ठारह लड़कियों और बयालिय लड़कों को कपड़े और ज़रुरत का सामान वितरित किया। इससे पहले इन बच्चों ने अपनी प्रदर्शन करते हुये स्वागत गान भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर एस.पी. सिटी उदय प्रताप फिरोज़ाबाद मे चार्ज लेने से पहले यहां पंहुचे और उन्होने संस्था के कार्यों की सराहना की। उन्होने बच्चों को सम्बोधित करते हुये कहा कि जीवन में आप अगर सही कार्य पूरी ईमानदारी से करते हैं तो उसका फल आपको ज़रुर मिलता है। साथ मिलकर रहना और एक दूसरे के दुख-सुख को आपस बांटना भी जीवन में ज़रुरी होता है। इससे सुख बढ जाते हैं और दुख कम हो जाते हैं।
थिरकन के सदस्य सुमित गोयल के मुताबिक थिरकन लगातार पिछले कई सालों से प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों मे काम कर रही है। इसके कार्य सदस्यों और आर्थिक सहयोग करने वाले कुछ लोगों की मदद से किये जा रहे हैं। संस्था का मकसद बच्चों और महिलाओं को जागरुक कर उन्हे आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिये समय-समय पर आयोजन किये जाते हैं। संस्था की सचिव और प्रख्यात टीवी एंकर नन्दनी सिंह ने बताया कि संस्था क्लॉथ बैंक के माध्यम से उन लोगों तक कपड़े पंहुचा रही है जो असहाय हैं। उन्होने शहरवासियों से अपने पुराने कपड़े थिरकन क्लॉथ बैंक को दान करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान आश्रम मे रहने वाले लड़के और लड़कियों को पेस्ट, साबुन और हेयर ऑयल जैसी चीज़ों के अलावा 60 जोड़ी कपडे भी बाटें गये। आश्रम के बच्चों ने संस्था सचिव से आश्रम मे लगे कम्प्यूटर ठीक कराने की मांग की जिस पर "थिरकन" ने कम्प्यूटर ठीक कराने की व्यवस्था करा दी। इस मौके पर संस्था ने एस.पी. उदय प्रताप का आभार जताया। इस दौरान आश्रम के केयर टेकर राम नरेश यादव के अलावा सैय्यद राजू, जयदेव, रेखा, पूजा, अंकित, शेखर और मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सैय्यद राजू ने किया।

Saturday, January 30, 2010

"थिरकन" ने दी नेत्रहीनों को राहत

उत्तर प्रदेश की प्रख्यात सामाजिक संस्था "थिरकन" ने एक बार फिर अपने मिशन को अमली जामा पहनाया। इस बार संस्था के सेवियों ने सूरकुटी जाकर नेत्रहीनों के साथ वक्त बिताया और उनकी समस्याऐं भी सुनी। संस्था की ओर से उन्हे ज़रुरत का सामान और फल भी वितरित किये गये। इस दौरान एस.पी.सिटी उदय प्रताप भी संस्था की और से मौजूद रहे।
कीठम की सूरकुटी मे प्रख्यात सामाजिक संस्था "थिरकन" के कार्यक्रम की शुरुआत नेत्रहीन बच्चों ने भक्ति भजन के साथ की। यहां प्रवास करने वाले नेत्रहीनों की ज़िन्दगी में भले ही अन्धेरा हो लेकिन उनमें प्रतिभा की कोई कमी नही है। "थिरकन" जैसी सामाजिक संस्था हमेशा अपने प्रयासों से इनमें खुशी बांटने की कोशिश करती हैं। इसी कड़ी में संस्था ने इन बच्चों के साथ उनके दुख सुख बांटे। इसके बाद "थिरकन" की और से सूरकुटी में रहने वाले सभी नेत्रहीनों को ज़रुरत का सामान, स्लीपर और फल वितरित किये गये। कार्यक्रम मे संस्था की ओर से विशेषतौर पर शामिल एस.पी. सिटी उदय प्रताप ने कहा कि ये बच्चें भी हमारे समाज का एक अहम हिस्सा हैं। इनकी सेवा और मदद करना अपने आप मे बड़ा काम है। उन्होने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि "थिरकन" लगातार समाज सेवा के जो काम कर रही है वो एक दिन दूसरे लोगों के लिये प्रेरणा बन जायेगें। इसलिये हम सभी को कहीं ना कहीं समाज सेवा का भाव ज़रुर रखना चाहिये।
इस मौके पर संस्था से जुड़े शहर के वरिष्ठ सी.ए. सर्वेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि इस तरह काम संस्था पिछले नौ सालों से कर रही है और वो भी बिना किसी सरकारी मदद के। संस्था के सदस्य और सहयोगी ही संस्था को चला रहें हैं। वरिष्ठ सदस्य विकास अग्रवाल के मुताबिक संस्था का क्लॉथ बैंक भी सफलता पूर्वक चल रहा है, जहां लोग अपने वो पुराने कपड़े दान करते हैं अब जिन्हे वो नही पहनते और "थिरकन" का क्लॉथ बैंक उन कपड़ों को ज़रुरतमन्द लोगों तक पंहुचा रहा है। विकास ने बताया कि इसी तरह के कैम्प लगाकर संस्था कपड़े बांटेगी।
संस्था की सचिव और प्रख्यात टीवी एंकर नन्दनी सिंह ने अन्त मे सूरकुटी को हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाते हुये सभी सदस्यों, सहयोगियों और एस.पी. सिटी का आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन सैय्यद राजू ने किया। इस मौके पर सूरकुटी विधालय के प्राचार्य महेश कुमार, सुपरवाइज़र केदार सिंह, एस.ओ. सिकन्दरा देशराज सिंह, अरमान, चन्द्रशेखर, अमज़द, मनीष शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अन्त मे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया गया।

Monday, January 18, 2010

"थिरकन" की नई योजनाऐं

"थिरकन" परिवार ने नये साल के पहले दिन कई ओर असहाय और गरीब बच्चों को साक्षर बनाने का प्रण लिया है। "थिरकन" पहले से ही ऐसे पांच बच्चों को स्कूली शिक्षा दिला रही है जिनका परिवार उन्हे पढाने सक्षम नही है। बिना किसी सराकारी मदद के संस्था अपने सदस्यों और सहयोगियों के बल पर ही इस काम को अन्जाम दे पा रही है। संस्था ने इस नये साल में भी कई तरह के सामाजिक कार्य करने की योजना बनाई है। जिनमे शिक्षा के अलावा सांस्कृतिक प्रशिक्षण, स्वास्थ जागरुकता और महिला उत्थान के कार्यक्रम प्रमुख हैं। इसके साथ ही "थिरकन" ने इस वर्ष स्वंयसेवी बनाने का निर्णय भी लिया है। जिसके तहत सामाजिक एंव रचनात्मक कार्यों मे रुचि रखने वाले प्रदेशभर के लोगों को संस्था से जोड़ा जायेगा। इस सम्बन्ध मे जानकारी के लिये या फिर संस्था को किसी भी तरह का सहयोग करने के लिये +91-941-242-6969 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

Wednesday, November 4, 2009

थिरकन ने बांटे ज़रुरतमन्दो को कपड़े और फल

आगरा। प्रदेश की जानी-मानी सामाजिक एंव सांस्कृतिक संस्था "थिरकन" का सेवा अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। संस्था पिछले कई सालों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों मे समाज सेवा के कार्य करती आ रहा है। इसी सिलसिले को जारी रखते हुये संस्था के क्लॉथ बैंक ने शहर की एक मलिन बस्ती में रहने वाली लगभग तीन दर्जन महिलाओं को कपड़े बांटे। इसके अलावा सैंकड़ों बच्चों को फल भी वितरित किये गये।
लालकिले के सामने रामलीला ग्राउण्ड़ गेट पर "थिरकन" द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बिना किसी औपचारिकता के सन्त कबीरदास नगर मलिन बस्ती की रहने वाली महिलाओं को गर्म कपड़े और सूट बाटें गये। संस्था के सदस्यों ने जिले के आला अधिकारियों के साथ मिलकर इस बस्ती की पैंतीस महिलाओं को कपड़े बाटें और बस्ती के लगभग 80 बच्चों को सामुहिक रुप से फल वितरण किया गया। सभी बच्चे खासे उत्साहित दिखाई दिये। कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि आये पुलिस अधीक्षक नगर उदय प्रताप ने संस्था के कार्यों को सराहते हुये कहा कि किसी संस्था का बिना सरकारी मदद के लगातार इस तरह के सामाजिक कार्य करना अपने आप मे एक मिसाल है। थिरकन जैसी संस्थाओं का उत्साह बढाने के लिये शहर के लोगों को मदद के लिये आगे आना चाहिये क्योंकि ये संस्थायें समाज के निमार्ण मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आगरा विकास मंच के अध्यक्ष और समाजसेवी अशोक जैन सीए ने थिरकन को एक मिसाल बताते हुये कहा कि संस्था ने असहाय और गरीब लोगों का तन ढकने के लिये जो क्लॉथ बैंक शुरु किया है ये एक अनुठा प्रयास है। उन्होने कहा कि समाज मे रहने वाले ज़रुरतमन्दों की सेवा करने का जो काम थिरकन कर रही है उसकी सरहना की जानी चाहिये ताकि संस्था और उसके सदस्यों को प्रोत्साहन मिल सके।
एस.पी.क्राइम अशफाक अहमद ने कहा कि "थिरकन" के सदस्य पुलिस लाइन मे शुरु किये गये परिवार परामर्श केन्द्र के दौरान भी सक्रीय रहते हैं। इस तरह ये संस्था हर स्तर पर अपने कार्यों को ज़िम्मेदारी के साथ कर रही है। इस्लामिया लोकल एजेन्सी के चैयरमैन असलम कुरैशी ने भी कार्यक्रम मे बढ-चढ कर भागेदारी की। उन्होने भी "थिरकन" के जागरुकता अभियानों और सामाजिक कार्यक्रमो को जमकर सराहते हुये कहा कि धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर ऐसे कामों को करने वाली ये संस्था दूसरे लोगों को प्रोत्साहन दे सकती है।
संस्था की अध्यक्षा श्रीमती स्नेहलता सिंह ने बताया कि "थिरकन" लगातार आठ सालों से सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम करती आ रही है। जिसके लिये सारा फण्ड संस्था के सदस्य ही जुटाते हैं। जो लोग संस्था जुडना या मदद करना चाहते हैं वो thirkan@gmail.com पर सम्पर्क कर सकते हैं। या फिर ज़्यादा जानकारी के लिये www.thirkanthengo.blogspot.com पर लॉगइन कर सकते हैं। संस्थाध्यक्ष के मुताबिक "थिरकन" पुलिस द्वारा मनाये जाने वाले यातायात माह के दौरान भी जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
अन्त मे संस्था की सचिव एंव प्रख्यात टीवी एंकर नंदनी सिंह ने सभी सदस्यों और सहयोगीयों का आभार जताया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमैटी के महासचिव शिवराज सिंह यादव के अलावा असिस्टेन्ट कमिश्नर वाणिज्जय कर अजय उपाध्याय, वीडीओ सुरेश कुमार सिंह, सपा के वरिष्ठ नेता हाजी बिलाल, वरिष्ठ समाजसेवी संदेश जैन, अमज़द कुरैशी, गौरव गुप्ता, कमलदीप, हरि बाबू और मनिका के अलावा शहर के कई गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

Sunday, October 4, 2009

थिरकन का एक और कदम...

उत्तर प्रदेश की अग्रणी सामाजिक संस्था थिरकन लगातार समाज सेवा के कार्यों को अन्जाम दे रही है और वो भी बिना किसी सरकारी मदद के। संस्था पिछले पांच माह से तीन गरीब बच्चों को शिक्षा दिला रही है। जिसमें एक कम्प्यूटर की छात्रा भी शामिल है। इस काम के लिये संस्था के सहयोगी नीरज शर्मा का खासा योगदान रहा है। नीरज पेशे से इन्जीनियर हैं और वो साउथ कोरिया मे एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहें हैं। बैंगलोर मे भी एक सहयोगी है जिनके सहयोग से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा देश के जाने-माने टीवी पत्रकार युसुफ अन्सारी और परवेज़ सागर का सहयोग भी संस्था को मिल रहा है। थिरकन ने अपने सभी सहयोगियों का आभार जताया है।

Tuesday, September 1, 2009

स्वाइन फ्लू जागरुकता कैम्प मीड़िया की नज़रों में

स्वाइन फ्लू को लेकर जागरुकता अभियान शुरु करने वाली सामाजिक एंव सांस्कृतिक संस्था "थिरकन" को स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ मीड़िया ने भी सराहा है। सोमवार को आगरा के सेन्ट एन्ड्रूज़ स्कूल से शुरु किये गये अभियान की ख़बर को सभी प्रमुख समाचार पत्रों और न्यूज़ चैनल्स ने प्राथमिकता के साथ प्रकाशित और प्रसारित किया है। उल्लेखनीय है कि "थिरकन" प्रदेश की ऐसी पहली सामाजिक संस्था है जिसने स्वाइन फ्लू जैसी गम्भीर बीमारी को लेकर जागरुकता अभियान चलाने की पहल की है।
स्वाइन फ्लू जैसे गम्भीर विषय को लेकर संस्था ने जिला चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली। संस्था के पिछले कार्यों की जानकारी होने पर आगरा के मुख्य चिकित्साधिकारी ड़ा. रामरतन ने "थिरकन" के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुये स्वाइन फ्लू का काम देख रहे डिप्टी सीएमओ डा़. हरीश कुमार को इस अभियान मे लगाया। डिप्टी सीएमओ डा. हरीश ने "थिरकन" के साथ अभियान मे भागेदारी की और भविष्य मे इस तरह के कार्यों मे सहयोग देने का आश्वासन भी "थिरकन" को दिया। इस जागरुकता अभियान की ख़बर को दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान टाइम्स, आई नेक्स्ट आदि समाचार पत्रों ने खासी जगह दी। इसके अलावा ई-टीवी, ज़ी-यूपी, सी-न्यूज़, डीजी न्यूज़ और फोकस टीवी ने भी स्वाइन फ्लू जागरुकता अभियान की ख़बर को कई बुलेटिन मे प्रसारित किया। "थिरकन" परिवार ने इस अभियान को जारी रखते हुये मीड़िया का आभार प्रकट किया। भविष्य मे नागरिकों और मीड़िया से सहयोग की अपील भी की।