थिरकन परिवार मे आपका स्वागत है। * अगर आपकी रुचि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों मे है तो आप हमें ई-मेल करें- thirkan@gmail.com * थिरकन सफलतापूर्वक उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड़ मे कार्य कर रही है * थिरकन संगीत और नृत्य कार्यशाला का आयोजन करेगी * थिरकन ने बनाया क्लॉथ बैंक * थिरकन ने कराया गरीब कन्याओं का विवाह * थिरकन चला रही है पुलिस के साथ मिलकर परिवारों को एक करने का अभियान *

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Wednesday, January 26, 2011

थिरकन का गणतन्त्र दिवस

हर बार की तरह इस बार भी सामाजिक संस्था थिरकन वैलफेयर एसोसिएशन (रजि.) के स्वंयसेवियों ने गणतन्त्र दिवस अलग अन्दाज़ मे मनाया।
संस्था के स्वंयसेवी सुबह ही वैशाली सेक्टर-4 की झुग्गियों मे पंहुच गये। और वहां रहने वाले बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज की महत्ता बताते हुये सभी को छोटे-छोटे राष्ट्र ध्वज भेंट किये। भारत माता की जय के नारे लगाये जाने के साथ ही झुग्गियों और फुटपाथ पर रहने वाले इन बच्चों को थिरकन की और से मिठाई, फल, टॉफियां और पिनट्स का वितरण किया गया। ये सब सामान पाकर बच्चे खासे उत्साहित दिखाई दिये।
संस्था की सचिव और प्रख्यात टीवी एंकर नन्दिनी सिंह ने इन गरीब बच्चों को गणतन्त्र दिवस के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। संस्था सचिव ने उन बच्चों की प्रशंसा भी की जो थिरकन द्वारा संचालित निशुल्क स्कूल मे आकर पढ रहे हैं। इस मौके पर प्रियंका सिंह, ममता सिद्धार्थ, बेबी खुशी, प्रियंका, मिनी के अलावा साहिल, गुड्डु, अंगुरी, एकलाल, तारा, अहसान आदि उपस्थित थे।

Saturday, November 6, 2010

“थिरकन” की दिवाली


“थिरकन” की हमेशा ये कोशिश रही है कि किसी भी बड़े पर्व की खुशियां उन लोगों के साथ बांटी जायें जिनके पास पर्व मनाने के लिये आर्थिक साधन नही हैं। हर साल इसी संकल्प के चलते “थिरकन” ऐसे लोगों तक पंहुचने के प्रयास करती है। इस बार दिवाली का त्यौहार “थिरकन” ने गाज़ियाबाद के उन बच्चों के साथ मनाया जो झुग्गियों और सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।
देश मे ऐसे लाखों बच्चें है जो गरीबी और मजबूरी के चलते अपने त्यौहार नही मना पाते। लेकिन आपकी एक कोशिश उन चेहरों पर मुस्कान ला सकती है। “थिरकन” पिछले नौ सालों से बिना किसी सरकारी आर्थिक मदद के अपने मिशन को आगे बढा रही है। जिसमें गरीब बच्चों के लिये फ्री स्कूल और क्लॉथ बैंक जैसे काम शामिल हैं। इस बार दिवाली पर “थिरकन” ने गाज़ियाबाद के वैशाली इलाके की झुग्गियों मे रहने वाले करीब पच्चीस बच्चों को उपहार दिये। उपहार की शक्ल मे मिठाई, फल, खील बताशे और पटाखे शामिल थे। बच्चें “थिरकन” से ये उपहार पाकर काफी खुश दिखाई दिये। “थिरकन” की ओर से इन बच्चों के परिवार वालों को भी मिठाई भिजवाई गयी। इस तरह से “थिरकन” ने इस दिवाली के त्यौहार पर कई चेहरों पर खुशियों की रोशनी लाने की कोशिश की। संस्था की ये कोशिश लगातार जारी रहेगी। “थिरकन” आप सभी से अपील करती है। इस तरह के बच्चों की मदद के लिये आगे आयें। क्योंकि आपका छोटा सा सहयोग किसी बच्चे के लिये एक बड़ी मदद साबित हो सकता है। आप “थिरकन” को किसी भी प्रकार से सहयोग कर सकते हैं। आप अपने पुराने और छोटे हो चुके कपड़े भी “थिरकन” क्लॉथ बैंक को दान कर सकते हैं। “थिरकन” को सहयोग करने के लिये आप हमें thirkan@gmail.com पर लिखें या फिर http://www.thirkanthengo.blogspot.com/ पर लॉगइन करें। हमारा मकसद कुछ मासूम चेहरों पर मुस्कान।